तीरगी से निकल गया होगारौशनी में पिघल गया होगाजो मुझे छोड़ कर गया तन्हासोच कितना बदल गया होगालफ्ज़ बस तीन शब्द का ही थादर्द जख्मों में ढल गया होगा— Sabir Pathan