sitaaron kii duniya se baahar nikal ke | सितारों की दुनिया से बाहर निकल के

  - Sada Ambalvi

सितारों की दुनिया से बाहर निकल के
ज़मीं पर क़दम-दो-क़दम देख चल के

बदल जाएगा ज़िंदगी का नज़रिया
कभी पेट की आग में देख जल के

दुहाई उसूलों की ऐ देने वाले
दिखा इन उसूलों पे ख़ुद भी तो चल के

ग़रीबों की दुनिया भी देख इक नज़र तू
अदीबों की महफ़िल से बाहर निकल के

कभी झोंपड़ी देख उस की भी जा कर
किए जिस ने ता'मीर गुम्बद महल के

मुरव्वत का उन से तक़ाज़ा है कैसा
हुए हैं जवाँ जो अँधेरों में पल के

ज़माना बदलने की फिर बात करना
दिखा इर्द-गिर्द अपना पहले बदल के

इसी ख़ाक में तुझ को मिलना है आख़िर
'सदा' पाँव रखना तू इस पर सँभल के

  - Sada Ambalvi

Anjam Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Sada Ambalvi

As you were reading Shayari by Sada Ambalvi

Similar Writers

our suggestion based on Sada Ambalvi

Similar Moods

As you were reading Anjam Shayari Shayari