पहले ये लग रहा था के झगड़ा नहीं बचा
झगड़े के बीच में मिरा रिश्ता नहीं बचा
मैं जिस तरह का शख़्स हूँ दूरी बनाए रख
ऐसा न हो के सब कहें लड़का नहीं बचा
मुझ जैसे शख़्स से ही मुहब्बत हुई तुम्हें
दुनिया में कोई दूसरा लड़का नहीं बचा
उस को बचा तो लाए हैं दुनिया की आग से
अफ़सोस कुछ भी आग में ख़ुद का नहीं बचा
मैं इस लिए भी कर रहा हूँ दोस्त ख़ुद-कुशी
बचने का कोई दूसरा रस्ता नहीं बचा
— Sagar Sahab Badayuni















