शर्तों पर ही प्यार करोगे ऐसा क्या
तुम जीना दुश्वार करोगे ऐसा क्या
लोगों ने तो ज़ख़्म दिए हैं चुन चुन कर
तुम भी दिल पर वार करोगे ऐसा क्या
मुझ से रूठ के खाना पीना छोड़ दिए
ख़ुद को ही बीमार करोगे ऐसा क्या
मिलना हो तो मिल जाओ कुछ बात करें
वा'दा ही हर बार करोगे ऐसा क्या
जाने किस से लड़-भिड़ कर तुम आए हो
अब मुझ से तकरार करोगे ऐसा क्या
अब मुझ को तड़पाने की ख़ातिर तुम भी
दुश्मन से ही प्यार करोगे ऐसा क्या
— SALIM RAZA REWA















