प्यार की कुछ बूँद ही मिल जाए तोगुलशन-ए-दिल फिर हरा हो जाएगादामन-ए-महबूब जिस दम मिल गयाआँसुओं का हक़ अदा हो जाएगा— SALIM RAZA REWA