हौसला बिगड़े हालात में चाहिए

हर कदम पर ख़ुदा साथ में चाहिए

ज़िंदगी भी तेरे साथ में चाहिए
हाथ तेरा मेरे हाथ में चाहिए

चाँद तारों से मेरा गुज़ारा नहीं
मुझ को तो शम्स भी रात में चाहिए

उड़ के गिरने से बेहतर है इंसान को
उम्र भर रहना औक़ात में चाहिए

सब मुख़ालिफ़ हो लहजे से क़ाइल मेरे
ऐसी तासीर अब ज़ात में चाहिए

जो मेरे तज़्किरों का है मरकज़ बना
बस वही ज़िक्र हर बात में चाहिए

ऐ सना मत बनो इतनी हस्सास तुम
ज़ब्त भी थोड़ा ज़ज्बात में चाहिए

— Sana Hashmi

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Ummeed Shayari

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