मुझ सेे कभी मिलना सनम
मिस यूँ बहुत सारा सनम
मिस यूँ टू कह दो आप भी
छोड़ो यूँँ शर्माना सनम
उफ़ ये खुली ज़ुल्फ़ें तिरी
अब बाँध लो गजरा सनम
मुझ से ख़फ़ा हो आज क्यूँ
आख़िर हुआ है क्या सनम
मजनूँ बनाकर अब मुझे
तुम भी बनो लैला सनम
फिर तुम लगोगी इक दुल्हन
पहनो नया जोड़ा सनम
जो है मोहब्बत आपकी
कल तक हमारा था सनम
धोका दिया तुमने मुझे
फिर मार भी डाला सनम
मिलना न हो मुमकिन अगर
तुम ख़्वाब में आना सनम
लड़का तो अच्छा है शफ़क़
फिर भी नहीं मिलता सनम
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