गर्व मुझ को क्यूँ न हो ख़ुद पर भलाजन्म क्षत्रिय वंश में मैं ने लियानाम है संदीप ग़ज़लों में शफ़क़ग्राम बड़दा है जहाँ माँ नर्मदा— Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"