mulmul muskaan adaayein uski kaayal kar jaati hai | मुलमुल मुस्कान अदाएँ उसकी कायल कर जाती है

  - Sandeep dabral 'sendy'

मुलमुल मुस्कान अदाएँ उसकी कायल कर जाती है
और बाक़ी काम मियाँ उसकी दो पायल कर जाती है

कि नैन बिचारे तकते रहते हैं अपनी बारी को
कि जबीं की छोटी सी बिंदी ही घायल कर जाती है

क्या कहना अब उसके झुमके औ बाली के बारे में
कि कपोलों को छूती लट मुझको ज़ायल कर जाती हैं

यदि यार कभी नंबर न लगाना चाहूँ मैं उसका, तो
ये उँगली बाग़ी होकर नंबर डायल कर जाती है

इस भाँति भरा है 'सैंडी' उसकी रग रग में सादापन
अच्छे अच्छों को अपनी जानिब मायल कर जाती है

  - Sandeep dabral 'sendy'

Dost Shayari

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