हम पर इतना कर्ज़ चढ़ा है
हम ने दिल गिरवी रक्खा है
कोई नहीं कर सकता तुम से
जितना हम ने प्यार किया है
सो लेने दो चैन से उस को
ये बच्चा थक कर सोया है
मैं भी कान्हा के जैसा हूँ
मेरे दिल में भी राधा है
कुछ पल का वो साथ तुम्हारा
मेरे दिल में जी उठता है
सच्चे यारों से ही अक्सर
मिलना-जुलना कम होता है
— Sanskar Shrivastav















