"सनम"

हाथ में हाथ तेरा मैं ले के सनम
ले चलूँ तुझ को ऐसे सफ़र में सनम
तेरी आँखों का काजल मैं बनके सदा
रहना चाहूँ मैं तेरी नज़र में सनम

तेरे संग मैं हमेशा रहूँगा मगर
मेरे संग तू रहेगी ये वा'दा तो कर
तेरी ख़्वाहिश को पूरा करूँगा सदा
तेरी आँखें कभी नम न होंगी सनम

चाँद तारों का वा'दा नहीं है मेरा
तेरे सपनों को पूरा करूँगा मगर
रात को जुगनुओं की तरह संग तेरे
रहूँगा उजाला मैं बनके सनम

चोट जब भी लगेगी तुझे तब तेरे
घाव पे बनके मरहम रहूँगा सदा
मैं ने सोचा है क्या कुछ नहीं संग तेरे
साथ रहना तू हर इक डगर पे सनम

तुझ
में जादूगरी कुछ है ऐसी सनम
हो गया हूँ मैं तेरा दीवाना सनम
लोग कहते हैं आँखों को मयखाना पर
मैं कहूँ तेरी आँखों को मंदिर सनम

बात दिल की जो आई लबों पे मेरे
बात दिल की तुझे मैं कहूँगा सनम
पत्थरों से बना जो मकाँ है मेरा
आके इस को बना देना घर तू सनम

— Sanskar Shrivastav

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