पत्थरों में भी दिल होता है
पत्थर भी पिघल जाते हैं
पत्थरों में भी दिल होता है
धूप की गर्मी से चोटिल
परिंदे दरख़्तों पर
आ ही जाते हैं
मुद्दतों के प्यासे
भटककर
दरिया के पास पहुँच ही जाते हैं
मोहब्बत ने जिन को
बे-ज़बान बना दिया था
वो भी शिकायत करने लगते हैं
अक्सर ऐसा होता है
पत्थर भी पिघल जाते हैं
पत्थरों में भी दिल होता है
— Sarul















