हर ख़ुशी हर एक लम्हा ग़म बना कर छोड़ दे एक बादल जब बने मौसम बना कर छोड़ देएक लड़की है कि जो खुलकर कभी हँसती नहींचश्मे-नम उस की मेरा हमदम बना कर छोड़ दे— Sarul