आप हैं आक़िल बहुत ही
और हम जाहिल बहुत ही
निभ न पाएगा ये रिश्ता
यार यूँ मत मिल बहुत ही
फिर मुहब्बत कर रहा है
बावला है दिल बहुत ही
डूबना भी है मगर फिर
पास है साहिल बहुत ही
ज़िन्दगी आसान है पर
लोग हैं मुश्किल बहुत ही
चल पड़े हैं इक सफ़र पर
दूर है मंज़िल बहुत ही
— Sarvjeet Singh















