achha tum ik baat batao sach kehna | अच्छा तुम इक बात बताओ, सच कहना

  - Sarvjeet Singh

अच्छा तुम इक बात बताओ, सच कहना
किसके सह थे रात बताओ, सच कहना

ना मुझको तुम पे बिल्कुल विश्वास नहीं
सर पे रख के हात बताओ, सच कहना

मेरी हालत जान भला क्या करना है?
तुम अपने हालात बताओ, सच कहना

अब भी मेरी याद तुम्हें आती है क्या?
कुछ दिल के जज़्बात बताओ, सच कहना

अब किसकी यादों के घन आँखों में हैं?
क्यूँ इतनी बरसात बताओ, सच कहना

मुझ सेे ज्यादा ध्यान तिरा रखता है वो?
ख़ुश हो उसके साथ बताओ, सच कहना

  - Sarvjeet Singh

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