आज सारे ग़म भुला कर एक लड़की हँस रही है
साथ में सब को हँसा कर एक लड़की हँस रही है
क्या पता फिर कब मिले मौका उसे यूँँ देखने का
बोल दो सब को बुला कर एक लड़की हँस रही है
हो गया है एक अरसा ही उसे आए हुए भी
अब न मेरे घर पे आ कर एक लड़की हँस रही है
कुछ पलों के ही लिए पर भूल कर इस ज़िन्दगी को
छत पे आकर खिलखिला कर एक लड़की हँस रही है
आए इक मैसेज को पढ़ने वो दौड़ी सी गई है
कमरे में यूँँ छुप-छुपा कर एक लड़की हँस रही है
आख़िरश वो हँस रही है ख़ुश रहूँगा सोच कर ये
चाहे मुझ को ही रुला कर एक लड़की हँस रही है
Read Full