कामयाबी को मेरी क़िस्मत करूँँगी
कोई इज़्ज़त देगा तो इज़्ज़त करूँगी
लड़कियों को आगे बढ़ने से जो रोके
तोड़ने की उस का मुँह जुर्रत करूँगी
मैं बिगड़ती तो नहीं वैसे किसी पर
तू मगर छेड़ेगा तो दिक़्क़त करूँगी
गर बनूँगी तो बड़ों से भी बड़ी मैं
तो कभी बच्चों सी भी फ़ितरत करूँगी
लोग लड़की को समझते लक्ष्मी हैं
तेरे घर आऊँगी तो बरकत करूँगी
तुम करोगे प्यार मुझ से देखना तो
जब मैं कोई प्यारी सी हरकत करूँगी
दूर ना जाए कभी तू मुझ से साहिल
मैं यही भगवान से मिन्नत करूँगी
— Sahil Verma















