हमें तुम सेे शिकायत तो नहीं बसतुम्हें यकदम से छोड़ा जा रहा हैकिसी की याद क़ाबिज़ है नहीं तोजुनूँ में सर को फोड़ा जा रहा है— Shamsul Hasan ShamS