main jisse kahtaa mere saath bhi dhokha hua hai yaar | मैं जिस सेे कहता मेरे साथ भी धोखा हुआ है यार

  - karan singh rajput

मैं जिस सेे कहता मेरे साथ भी धोखा हुआ है यार
यही कहता वो तेरे साथ कुछ अच्छा हुआ है यार

वो भी कुछ दोस्त थे जो टेस्ट देकर कहते थे बाहर
मेरा तो ख़ास नईं था कुछ तेरा कैसा हुआ है यार

बहुत दिन बाद मैं उस सेे मिला था कल कहीं पर वो
मगर बस देखते बोला, तुम्हें देखा हुआ है यार

बिछड़कर मुझ सेे उसको नींद भी आती नहीं है अब
कि मेरी बेरुख़ी का कुछ असर ऐसा हुआ है यार

भले ही फेंक दी थी उसकी सारी चीज़ें मैंने, पर
कहीं इक चूड़ी को सँभालकर रक्खा हुआ है यार

  - karan singh rajput

Dost Shayari

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