
आसान है किसी के लिए आँखें भारी करना
लेकिन मुश्किल है उम्र भर वफ़ादारी करना
दुनिया हर रोज़ निकलती है सुब्ह काम के लिए
अपने नसीब में है शायद बेरोज़गारी करना
— karan singh rajput
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