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उतना ही प्यार दीजिए जितने में जी लगे - Sohil Barelvi

उतना ही प्यार दीजिए जितने में जी लगे
हद से ज़ियादा रौशनी भी तीरगी लगे

ये कह के दुश्मनों को तसल्ली मैं दे रहा
जिस दिन भी मुझ को हाए लगे आपकी लगे

मेरी नज़र का फेर है या वाक़ई हबीब
हर एक शक्ल आज मुझे दूसरी लगे

दो चार दिन की और है ये जानते हुए
कुछ दिन से मुझको ज़ीस्त मेरी दाइमी लगे

कुछ और करना लकड़ियों को मुश्तइल रक़ीब
गर लाश मेरे इश्क़ की कुछ अधजली लगे

Sohil Barelvi
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