yahi talab hai jo jeena sikhaaye jaati hai | यही तलब है जो जीना सिखाये जाती है

  - Subhan Asad

यही तलब है जो जीना सिखाये जाती है
तुम्हारे ख़्वाब न देखें तो कब के मर जाएँ

  - Subhan Asad

Fantasy Shayari

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