kuchh to duniya ki inaayat ne dil tod diya | कुछ तो दुनिया की इनायात ने दिल तोड़ दिया

  - Sudarshan Fakir

कुछ तो दुनिया की इनायात ने दिल तोड़ दिया
और कुछ तल्ख़ी-ए-हालात ने दिल तोड़ दिया

हम तो समझे थे के बरसात में बरसेगी शराब
आई बरसात तो बरसात ने दिल तोड़ दिया

दिल तो रोता रहे और आँख से आँसू न बहे
'इश्क़ की ऐसी रिवायात ने दिल तोड़ दिया

वो मिरे हैं मुझे मिल जाएँगे आ जाएँगे
ऐसे बेकार ख़यालात ने दिल तोड़ दिया

आप को प्यार है मुझ से कि नहीं है मुझ से
जाने क्यूँँ ऐसे सवालात ने दिल तोड़ दिया

  - Sudarshan Fakir

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