तुम्हारे साथ तो होंगे ज़माने पर
हमारे साथ है केवल हमारे पर
कई हफ़्तों नहीं सोया तुम्हारे बिन
हमें नींदें चिढ़ाती है सो जाने पर
हमारा भी रहा था वक़्त वो पहले
हमें भी याद आते हैं ज़माने पर
जिसे चाहा उसी पे जान भी दे दी
नहीं बदले कभी हम वक़्त आने पर
किसी भी ख़ूब-सूरत पे नहीं मरना
बदल जाते है ये पैसे आ जाने पर
कहाँ अब रोग है बाकी मुहब्बत का
किसे वो याद रातें बीत ज़ाने पर
— Surya Tiwari















