मौसमों को हरा करो साहिब
बारिशों की दुआ करो साहिब
चाँद उभरे हमारे सीनों से
दम करो मोजिज़ा करो साहिब
चार गज़ ही सही ज़मीन तो है
रक़्स करते रहा करो साहिब
— Tajdeed Qaiser
बारिशों की दुआ करो साहिब
चाँद उभरे हमारे सीनों से
दम करो मोजिज़ा करो साहिब
चार गज़ ही सही ज़मीन तो है
रक़्स करते रहा करो साहिब
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