uske haathon men jo khanjar hai zyaada tez hai | उसके हाथों में जो ख़ंजर है ज्यादा तेज है

  - Tehzeeb Hafi

उसके हाथों में जो ख़ंजर है ज्यादा तेज है
और फिर बचपन से ही उसका निशाना तेज है

जब कभी उस पार जाने का ख्याल आता मुझे
कोई आहिस्ता से कहता था की दरिया तेज है

आज मिलना था बिछड़ जाने की नीयत से हमें
आज भी वो देर से पंहुचा है कितना तेज है

अपना सब कुछ हार के लौट आए हो न मेरे पास
मैं तुम्हे केहता भी रहता की दुनिया तेज है

आज उसके गाल चू
में हैं तो अंदाजा हुआ
चाय अच्छी है मगर थोडा सा मीठा तेज है

  - Tehzeeb Hafi

Hijrat Shayari

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