बात ये है कि मतला ग़लत हो गया
एक लड़की पे ख़र्चा ग़लत हो गया
सब यही कह रहे है सभी को यहाँ
हम सही ही थे अगला ग़लत हो गया
लिख फ़क़त ख़त चुरा ले गया है उसे
याद में शे'र लिखना ग़लत हो गया
प्यार में चाहते रंग गोरा सभी
जिस्म होना ये काला ग़लत हो गया
पास मेरे रखी ठीक चाभी ही थी
घर का शायद से ताला ग़लत हो गया
मैं नज़र में रक़ीबों के जो आ गया
फिर वहाँ यार जाना ग़लत हो गया
— RAAHI















