'ishq hote hote hota hai mukammal ek din | 'इश्क़ होते होते होता है मुकम्मल एक दिन

  - RAAHI

'इश्क़ होते होते होता है मुकम्मल एक दिन
जब नहीं होता तो हो जाते हैं पागल एक दिन

रंग काला हो गया है धूप में बैठे हुए
पर भरोसा है मिलेगा तेरा आँचल एक दिन

तुम वही हो ना जो झूला झूलते थे मेरे साथ
घर गया तो पूछ बैठा बूढ़ा पीपल एक दिन

है मिरे सब ख़्वाब झूठे मुझको ये मालूम है
धीरे धीरे बन न जाऊँ मैं भी जंगल एक दिन

पूरी दुनिया को बगा़वत के हुनर ने घेरा है
चाहता हूँ हर गली बन जाए चम्बल एक दिन

इम्तिहाने 'इश्क़ में लाया था नंबर सब सेे कम
पर करूँँगा मौत का एग्ज़ाम अव्वल एक दिन

  - RAAHI

Environment Shayari

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