"बारिश"
ये बारिश तब क्यूँ नहीं आती
जब मैं तुम्हारे पास होता हूँ
ये तब आती है जब
मुझे तुम से मिलना होता है
तुम्हारे साथ तुम्हारा हाथ
पकड़ कर चलना होता है
ये बारिश तब क्यूँ नहीं आती
जब तुम मुझे छोड़ कर जाती हो
फिर मुलाक़ात होगी कहती हो
ये बारिश तब क्यूँ रुक जाती है
ये बारिश तब क्यूँ नहीं आती है
— ABhishek Parashar















