अभी अभी तो मुझे छोड़ा था उदासी नेअभी अभी तो ख़ुशी की बहार आई थीमेरे ग़मों में तो शामिल नहीं था कोई भीमेरा मज़ाक़ उड़ाने क़तार आई थी— ABhishek Parashar