meri ham-nafs tu kahii to mil meri nekiyon ke savaab men | मेरी हम-नफ़स तू कहीं तो मिल मेरी नेकियों के सवाब में

  - Haider Khan

मेरी हम-नफ़स तू कहीं तो मिल मेरी नेकियों के सवाब में
तुझे ढूँडता हूँ मैं आज-कल मेरी ज़िन्दगी की किताब में

जो नज़र से तू ने पिला दिया यूँँ छुपा के ख़ुद को नक़ाब में
ये नशा मिलेगा कहाँ हमें किसी मय-कदे की शराब में

तुझे 'इश्क़ है तो बता मुझे, मुझे यूँँ न रख तू सराब में
तेरे लब अगर ये न कह सकें तो नज़र झुका दे जवाब में

तू मिला तो तुझ से है दिल-लगी तू नहीं तो तुझ से गिला नहीं
तेरा ग़म भी मैंने है लिख लिया ग़म-ए-दो-ज
हाँ के हिसाब में

  - Haider Khan

I love you Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Haider Khan

As you were reading Shayari by Haider Khan

Similar Writers

our suggestion based on Haider Khan

Similar Moods

As you were reading I love you Shayari Shayari