main barsh chhod chuka aakhiri tasveer ke baad | मैं बरश छोड़ चुका आख़िरी तस्वीर के बाद

  - Umair Najmi

मैं बरश छोड़ चुका आख़िरी तस्वीर के बाद
मुझ से कुछ बन नहीं पाया तिरी तस्वीर के बाद

मुश्तरक दोस्त भी छूटे हैं तुझे छोड़ने पर
या'नी दीवार हटानी पड़ी तस्वीर के बाद

यार तस्वीर में तन्हा हूँ मगर लोग मिले
कई तस्वीर से पहले कई तस्वीर के बाद

दूसरा इश्क़ मयस्सर है मगर करता नहीं
कौन देखेगा पुरानी नई तस्वीर के बाद

भेज देता हूँ मगर पहले बता दूँ तुझ को
मुझ से मिलता नहीं कोई मिरी तस्वीर के बाद

ख़ुश्क दीवार में सीलन का सबब क्या होगा
एक अदद ज़ंग लगी कील थी तस्वीर के बाद

  - Umair Najmi

Bhai Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Umair Najmi

As you were reading Shayari by Umair Najmi

Similar Writers

our suggestion based on Umair Najmi

Similar Moods

As you were reading Bhai Shayari Shayari