पास अपने मुझे बुला लो तुम
गेसुओं में कहीं सजा लो तुम
इतनी नाराज़गी ये ठीक नहीं
अच्छा खाना तो यार खा लो तुम
मुँह अँधेरे चला मैं जाऊँगा
जाँ अभी तो गले लगा लो तुम
तुम से इक बात मुझ को कहनी थी
मेरी इक कॉल तो उठा लो तुम
— Vaseem 'Haidar'
गेसुओं में कहीं सजा लो तुम
इतनी नाराज़गी ये ठीक नहीं
अच्छा खाना तो यार खा लो तुम
मुँह अँधेरे चला मैं जाऊँगा
जाँ अभी तो गले लगा लो तुम
तुम से इक बात मुझ को कहनी थी
मेरी इक कॉल तो उठा लो तुम
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