सभी ये मतलबी ही लोग थोड़ी हैंन फिर देखी सही दुनिया कभी तुम नेज़रा ख़ुद को निकालो आज पिंजरे सेन सोचा है गगन होगा कभी तुम ने— Vinod Ganeshpure