ये कमरा दिल का वो ख़ाली नहीं करता

हवाले और के चाबी नहीं करता

निभाने वाले ही शादी निभाते हैं
कोई जादू कभी क़ाज़ी नहीं करता

बसाई दुनिया अपनी एक लड़की ने
है इक लड़का जो अब शादी नहीं करता

है टूटा दिल किसी बेचारे का ऐसा
वो अब कोई भी गुस्ताख़ी नहीं करता

जो मेहनत कर के खाता है यहाँ साहब
वो पीछे पीठ के चुग़ली नहीं करता

चला है सीखने उर्दू नया आशिक़
वो अपनी ठीक जो हिन्दी नहीं करता

नहीं होगी तेरी शादी कभी उस से
तू बेटा जॉब सरकारी नहीं करता

तेरी यादों की महफ़िल रोज़ सजती है
वो तेरी याद को बासी नहीं करता

— Anuj Vats

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