बात कुछ इस तरह कही जाए
दूर तक फिर वो गूंजती जाए
फ़ैसला हो ज़रूर हो साहब
बात सबकी मगर सुनी जाए
जिस तरह से चला गया है तू
काश ये याद भी चली जाए
— Manish Kumar Gupta
दूर तक फिर वो गूंजती जाए
फ़ैसला हो ज़रूर हो साहब
बात सबकी मगर सुनी जाए
जिस तरह से चला गया है तू
काश ये याद भी चली जाए
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