10
1 Like
"लिमिट"
कोई आबाद सितारे की कोई हद हो तो
वो सितारा किसी तस्वीर में होगा
आसमाँ में नहीं हो सकता
और उस आसमाँ का
कोई भी फ़्रेम नहीं होता
होगा भी कैसे?
उस के पेंटर ने उसे ऐसे बनाया है
जैसे कमरे की कोई छत है
जिस पे तारों के डिज़ाइन बने है
और वो सारे डिज़ाइन
शाम के बा'द नज़र आते है
जिन को सब तोड़ने की क़स
में भी खाते हैं
और वो सारी की सारी
क़स
में झूठी हैं
क्या कोई फूलों के रंगों को मिटा पाया है
क्या किसी ख़्वाब ने
सच दिखाया है
या किसी बे-वफ़ा ने सच्ची मोहब्बत की हो
या गुलाबों ने भी इज़हार किया हो
आदमी, आदमी से प्यार किया हो
या कभी पानी को पानी में
डूबते देखा हो
और तब पानी में
उस सितारे की सभी रातों की हद क्या है?
तुम बताओ मिरी इन बातों की हद क्या है?
या मिरी बातें भी
उन सितारों की तरह ही किसी
फ़्रेम का हिस्सा है?
Read Fullवो सितारा किसी तस्वीर में होगा
आसमाँ में नहीं हो सकता
और उस आसमाँ का
कोई भी फ़्रेम नहीं होता
होगा भी कैसे?
उस के पेंटर ने उसे ऐसे बनाया है
जैसे कमरे की कोई छत है
जिस पे तारों के डिज़ाइन बने है
और वो सारे डिज़ाइन
शाम के बा'द नज़र आते है
जिन को सब तोड़ने की क़स
में भी खाते हैं
और वो सारी की सारी
क़स
में झूठी हैं
क्या कोई फूलों के रंगों को मिटा पाया है
क्या किसी ख़्वाब ने
सच दिखाया है
या किसी बे-वफ़ा ने सच्ची मोहब्बत की हो
या गुलाबों ने भी इज़हार किया हो
आदमी, आदमी से प्यार किया हो
या कभी पानी को पानी में
डूबते देखा हो
और तब पानी में
उस सितारे की सभी रातों की हद क्या है?
तुम बताओ मिरी इन बातों की हद क्या है?
या मिरी बातें भी
उन सितारों की तरह ही किसी
फ़्रेम का हिस्सा है?
9
1 Like
अपनों से जुदा होना आसान नहीं होता
इतना भी कोई पत्थर चट्टान नहीं होता
इतना भी कोई पत्थर चट्टान नहीं होता
दिल टूटने पर इक सदमा ही तो गुजा़रेंगे
दिल टूटने का कोई नुक़सान नहीं होता
बे-जान किताबें कमरे में पड़ी रहती हैं
सो तेरे बिना कमरा वीरान नहीं होता
खूँ-रंग सी आँखों का ये हाल नहीं होता
होता है मगर उस के दौरान नहीं होता
जिन बंद घरों को काले रंग की आदत हो
उन बंद घरों में रौशनदान नहीं होता
मैं शा'इरी के सारे करतब भी दिखाता हूँ
वो रोज़ की ख़िदमत से हैरान नहीं होता
8
2 Likes
7
3 Likes
6
2 Likes
क्यूँ हमारी याद भी अब याद बनकर रह गई है
लॉकडाउन हो गया है आप के पिंदार में क्या
लॉकडाउन हो गया है आप के पिंदार में क्या
4
3 Likes
न ख़्वाहिशें बची मिरी कि बद-मज़ा है ज़िंदगी
न ज़िदगी ख़राब हो तो क्या हुई वो दिल-लगी
न ज़िदगी ख़राब हो तो क्या हुई वो दिल-लगी
3
3 Likes
2
7 Likes
देखना है तो तुम इधर देखो
तुम ठहर कर मिरा नगर देखो
तुम ठहर कर मिरा नगर देखो
ऐब ही देखते हो क्यूँ मुझ
में
तुम कभी तो मिरा हुनर देखो
अब न जाने कहाँ वो रहता है
यार उस की कहीं ख़बर देखो
सब बुरी आदतें भी छोड़ो तुम
उस की इस बात का असर देखो
तुम अभी से ही थक गए हो पर
पूरा बाकी है ये सफ़र देखो
तुम अभी सच बता दो अच्छा है
फिर कहीं तुम इधर उधर देखो
1
5 Likes










