@ManishNauhwar
Manish Nauhwar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Manish Nauhwar's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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यूँ ज़रा सी बात पे सारे त'अल्लुक़ तोड़ देना
एक दिन तन्हा न कर दे ये तेरी आदत ही तुझको
हमारी इस मोहब्बत का यही अंजाम होना था
कि आख़िर में आ कर हम दोनों को नाकाम होना था
कि जिसकी बातों से सबको लुभा रहा है तू
ये किस के हिज़्र का किस्सा सुना रहा है तू
न जाने क्यों किसी की एक भी नहीं सुनता
'मनीष' ख़ुद को ख़ुदा क्यों बना रहा है तू
हर दफा बस यही बहाना है
लौट के मैंने घर भी जाना है
आग लग जाए तेरे सोहर में
अब इसे भी ये दिल दुखाना है