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Top 10 of
Mukesh Guniwal "MAhir"
GHAZAL
वो मेरे ज़ख़्म भरना चाहते थे
जुनूँ के पर कतरना चाहते थे
Mukesh Guniwal "MAhir"
10
GHAZAL
जब से हुए हैं दूर किसी आदमी से हम
हम से ख़फ़ा है ज़िन्दगी और ज़िन्दगी से हम
Mukesh Guniwal "MAhir"
9
GHAZAL
पर खुले तो उड़ गए नीले गगन में
और चिड़िया ढूँढ़ती बच्चे चमन में
Mukesh Guniwal "MAhir"
8
SHER
जूते में कंकर सा कोई कल इक चुभा
और फिर तू आ गया मेरे ज़ेहन में
Mukesh Guniwal "MAhir"
7
SHER
मारना रावण को हर दम ही सरल है
जो विभीषण साथ हो लंका दहन में
Mukesh Guniwal "MAhir"
6
GHAZAL
अब तो वो बस तुम पर ग़ज़लें कहता है
पहले से कुछ बेहतर ग़ज़लें कहता है
Mukesh Guniwal "MAhir"
5
GHAZAL
अक्सर दोनों चुप रहते हैं माँ और मैं
सब कहते हैं इक जैसे हैं माँ और मैं
Mukesh Guniwal "MAhir"
4
SHER
दुनिया रूठी तब जा कर एहसास हुआ
आईने को दोस्त बनाया जा सकता था
Mukesh Guniwal "MAhir"
3
SHER
कर्म करूँँ और फल का लालच नइँ रक्खूँ
यार भला ये कैसी बातें करते हो
Mukesh Guniwal "MAhir"
2
SHER
तुम थी मेरी और तुम्हारा मैं
थी का मतलब वक़्त से हारा मैं
Mukesh Guniwal "MAhir"
1
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Ashutosh Kumar "Baagi"
Shivam chaubey
Akhil Saxena
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