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बस ना कर दो मुझे चुप हो के चला जाऊँगा
मैं मुसाफ़िर हूँ तलैयुल से चला जाऊँगा
मैं मुसाफ़िर हूँ तलैयुल से चला जाऊँगा
एक के होते हुए भी किसी और की चाहत
ऐसी उल्फ़त से अलग हो के चला जाऊँगा
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मोहब्बत के सिवा ग़म और भी हैं इस ज़माने में
ये सब कुछ छोड़ कर मसरूफ़ हूँ पैसा कमाने में
ये सब कुछ छोड़ कर मसरूफ़ हूँ पैसा कमाने में
हमें मालूम है सब कुछ यहाँ पैसा ही होता है
बड़ा ख़र्चा है आता अब मु'आलिज को दिखाने में
अमीरों से मुझे नफ़रत नहीं बस ये शिकायत है
ये रोटी फेंक कर ख़ुश हैं गरीबों को सताने में
मेरी आँखों के आँसू इस तरह सूखे हुए हैं अब
बड़ा ग़ुस्सा है आता अब ज़बरदस्ती बहाने में
मुझे अब याद आते हैं वो बचपन के पुराने दिन
मुझे हर चीज़ मिल जाती थी बस रो कर दिखाने में
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कल जो देखा तुझे दिल ये बोला मुझे
गर जो चाहत है तो साथ रखना मुझे
गर जो चाहत है तो साथ रखना मुझे
आज तुम मुझ से फिर एक वा'दा करो
याद जब मेरी आए तो मिलना मुझे
आज अफ़सोस है मुझ को उस बात का
तुम ने फिर पहले जैसा सताया मुझे
तेरी आँखों के आँसू मिरे आँख से
ऐसे जी भर के तू ने रुलाया मुझे
आज तुम ने ग़लत कुछ ज़ियादा किया
कर दिया बज़्म में जो इशारा मुझे
मैं ने देखा नहीं देख कर भी तुझे
रास्ते में जो कल मिल गया था मुझे
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