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Top 10 of
Sanjay Bhat
SHER
दिल बाँध के रखा है रखा है फ़लक पे सर
मंज़िल तो दिख रही है मगर खो गया है घर
Sanjay Bhat
10
GHAZAL
आज क़लम को उर्दू से तर कर लूँगा
नज़्म को फिर काग़ज़ के दिल में भर लूँगा
Sanjay Bhat
9
GHAZAL
अना को कुछ इस तरह से मात कर लो
ज़बाँ से नहीं दिल से कुछ बात कर लो
Sanjay Bhat
8
GHAZAL
माज़ी की याद से हम गुलफ़ाम हो गए
थे सख़्त ख़िश्त जैसे अब ख़ाम हो गए
Sanjay Bhat
7
SHER
रिंदों के साथ बैठ के हम रिंद हो गए
फिर हम जहाँ गिरे उसी रस्ते पे सो गए
Sanjay Bhat
6
SHER
कभी तू भी हँसा कर क्या फ़क़त रोने ही आया है
खिली है वो ज़मीं भी जिस ने सागर को बहाएा है
Sanjay Bhat
5
SHER
पहले ख़ास तो आम तो फिर बदनाम हुए
साँसें चलती हैं हम कब के तमाम हुए
Sanjay Bhat
4
SHER
ख़ुद से ख़ुद की लड़ाई का अपना ही मज़ा है
फिर शिकवा न किसी से बस ख़ुद को ही सज़ा है
Sanjay Bhat
3
NAZM
"1947 की तक़्सीम और इंसाँ"
— Sanjay Bhat
2
SHER
दिए हैं ज़ख़्म इतने रोग भी कोई दिया होता
न रहती चाह कोई और न ज़ख़्मों को सिया होता
Sanjay Bhat
1
Mahmood munja
Aatish Indori
Trinetra Dubey
Beybaar
Faiz Ahmad
Rudransh Trigunayat
Wajid Husain Sahil
Govind kumar
Sagheer Lucky
Parvez Shaikh
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