Santosh singh shekhar

Santosh singh shekhar

@Santoshsinghshekhar8651

Santosh singh shekhar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Santosh singh shekhar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Ghazal
दुआ तुम्हें वो बड़ी लगेगी जहान भर के सभी अता से
जब इक भिखारी जो भीख लेकर नवाज़ देगा तुम्हें दुआ से

वो जिस पिता की तमाम बातें बुरी लगे है जहान भर को
मगर ये समझो तुम्हारा जीवन हरा भरा है उसी पिता से

कभी मशक्क़्क़त से यार तुम भी घड़े में कंकड़ तो भर के देखो
अभी नहीं पर कभी तो पानी बहेगा ऊपर किसी घड़ा से

न मिल सके पर मुझे शिकायत नहीं है कोई ऐ इश्क़ तुमसे
मगर मिरी जाँ यहाँ से जाकर लडूंगा पहले मैं उस ख़ुदा से

रहा नहीं अब यहाँ पे कुछ भी मिरे मुताबिक़ तो क्यूँ रहूँ मैं
तो क्यूँ मुझे अब फ़रेबी दुनिया बचा रही है किसी दवा से

मुझे बचाने की चाह है तो उसे बुलाकर यकीं दिलाओ
तिरे हवाले तिरा ये रोगी ये ठीक होगा तिरी सदा से

अगरचे पंखा ये चाहता है कि इसपे कोई तो लाश लटके
उतार दो फिर अगर नहीं है ज़रा भी मतलब इसे हवा से
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