10
0 Likes
फ़क़त आँखें ही देखी हैं मगर जंजाल है जी का
ज़रा सा मुस्कुरा देती तो दिल का हाल क्या होता
ज़रा सा मुस्कुरा देती तो दिल का हाल क्या होता
8
0 Likes
7
0 Likes
5
0 Likes
अपना क्या है चल निकलेंगे केवल क़िस्से रह जाएँगे
इन कमरों में इन गलियों में अपने हिस्से रह जाएँगे
इन कमरों में इन गलियों में अपने हिस्से रह जाएँगे
4
0 Likes
मेरे वजूद से मुकर रही है ज़िंदगी
किसी अज़ाब सी गुज़र रही है ज़िंदगी
किसी अज़ाब सी गुज़र रही है ज़िंदगी
3
0 Likes
2
0 Likes
तब हँसना गाना लिखता था अब रोना-धोना लिखता हूँ
तब इश्क़ मुहब्बत कहता था अब जादू-टोना लिखता हूँ
तब इश्क़ मुहब्बत कहता था अब जादू-टोना लिखता हूँ
1
1 Like










