Manas Ank

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Manas Ank shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Manas Ank's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

हम सब बहुत ही ग़ैर मुकम्मल हैं आप के आशिक़ सभी तो लड़के ये अव्वल हैं आप के — Manas Ank
मुझ को तुम देवता बनाओ मत इंसाँ की खाल में ही रहने दो — Manas Ank
पिता की बात अपने मान लो तुम नहीं होगी कभी शादी हमारी — Manas Ank
अपनी मुराद में तो ये जन्नत हैं चाहते लेकिन मिला ये आग का दरिया तो दुख हुआ — Manas Ank
लड़कों को लगता था उन सेे मुहब्बत करती है वो तो बस उन सेे हर काम निकाला करती थी — Manas Ank
बरसता है कहीं और अब वो जा कर जिसे कहते थे ये बादल मेरा है — Manas Ank
अब तू मुझी से दूर है मंज़ूर है ये इश्क़ का दस्तूर है मंज़ूर है — Manas Ank
कि पड़ती जीतनी बाज़ी हमें उस हाल में भी जब न राजा कोई बेग़म और कोई इक्का नहीं मिलता — Manas Ank
जो बुलाने पे भी नहीं आया मिलने मुझ सेे वो इक दफ़ा आए — Manas Ank
कह रही सिलवटें ये बिस्तर की रात तो करवटों में गुज़री है — Manas Ank
तो मैं क्यूँ दूरबीन लेता फिर जो तू आँखों को छीन लेता फिर — Manas Ank
कभी कुछ भी हो जाए राम जाने हम उस के साथ होते राम जाने — Manas Ank
निभाना मुश्किलों का है यहाँ पर मुहब्बत एक ज़िम्मेदारी होती — Manas Ank
तुम्हें तो संग मेरे भीगना था कभी अब भाएगी बरसात तुम को — Manas Ank

Ghazal

Nazm

"जिस्म-एक कमरा" ये जिस्म किसी चार दीवारी कमरे की तरह बँध गया है जिस में घुटन फ़र्श की तरह फैली हुई है बेचैनी की उस पर धूल जम गई है उदासी के जाले दीवारों पर लटके हुए है जिन जालों में ख़ुशी का कोई कीड़ा फँस भी जाए तो तेरी यादों के मकड़े उसे खा जाते है जिस्म के कमरे में अब रूह का दम घुटने लगा है क्या बस रूह की किस्मत में फिर तड़पना लिखा है और मुहब्बत में सिर्फ़ बिछड़ना लिखा है ये आँखें इस कमरे की खिड़कियाँ हैं जिस के शीशों से मायूसी की ओस गिरती रहती है और दिल इस कमरे का दरवाज़ा है जिसे न जाने कितनी दफ़ा तोड़ा गया है फिर भी दिलासों की मरम्मत से ख़ुद को बचाए रक्खा है जो ज़रा सी ख़ामोशी के दस्तक पे टूटने लगता है — Manas Ank