आमना सामना नहीं होता
ख़ुद से जब फ़ासला नहीं होता
तेरी इन बातों की दवाई से
मुझ को अब फ़ाइदा नहीं होता
दिल लगाते किसी ही पत्थर से
कोई फिर बे-वफ़ा नहीं होता
छोड़ दूँ कहने से मुहब्बत मैं
ऐसे तो फ़ैसला नहीं होता
औरतें पूजती न होती गर
आदमी देवता नहीं होता
— Manas Ank















