तुम तक पहुँचने में ही कई रास्ते लगे

आया तुम्हारे पास कि तुम डाँटने लगे

रोना तुम्हारा अब तो ये हर रोज़ का ही है
चुप तो कराने के लिए हैं दूसरे लगे

थोड़ा सा मैं ने उस का यहाँ ज़िक्र कर दिया
तुम यार उस के बारे में सब पूछने लगे

उस की ही बात तो यहाँ पर हो रही है यार
उस के लिए ही तो यहाँ पर क़ाफ़िले लगे

— Manas Ank

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