Shiv

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@shivpoet

Shiv shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shiv's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

रात भर चाँद को देखते रह गए चाँद की शक्ल तुझ सी बना दी गई — Shiv
उसे कम कर रहा हूँ दिन-ब-दिन थोड़ा उसे इक दम से भूला जा नहीं सकता — Shiv
बढ़ा देगा वो माली दाम हर इक फूल के समझो जो तुम ने कान पर रक्खे हुए हैं फूल मेरी जाँ — Shiv
सड़ गया रक्खा हुआ पानी भी ख़ुद ही कब तलक़ हम आप को यूँँ साथ रखते — Shiv
जो फूल तुम ने कान पर रक्खे नहीं वो जी रहे हैं बे-रुख़ी से काट कर — Shiv
ये ग़ज़ल ये शे'र औ' उस शख़्स की याद हम उसे ख़ुद से अलग रख ही न पाए — Shiv
मोहब्बत में अदाकारी का क्या मतलब निभा सकता है दो किरदार हर इक शख़्स — Shiv
सब को लगता है वो शिव के साथ है झूठ लगता है नहीं है साथ वो — Shiv
एक टक जो देखते पंखे को हम ख़ुद-कुशी लाज़िम है हम को रोक लें — Shiv
उम्मीद उन सेे थी हमें इस बात की उन को कभी जाना नहीं था पर गए — Shiv
किसी के पास कोई ख़ुद नहीं आता मोहब्बत चाहती थी हम मिलें तुम से — Shiv
कुछ नहीं कहता है अब वो होंठ पर जो होंठ रख देता था मेरी बात सुन कर — Shiv
आप को लगता है गर वो आप का है सोचते रहिए यही सब सोचते हैं — Shiv
सभी से सिर्फ़ हम लानत की ख़ातिर ही हज़ारों बार उस पर शे'र कहते हैं — Shiv
आप के ही साथ आए थे यहाँ तक आपने ही दिल दुखाया है हमारा — Shiv
दिलगीर मैं दिन रात ये बस सोच कर रह जाता हूँ गर ज़ख़्म देने वाला भर देता सभी ज़ख्मो को फिर — Shiv
उस के दिए ज़ख़्मों का मरहम है अगर तो कातिबे-तक़दीर के हाथों में है — Shiv
हाथ कस कर पकड़ रखा था और फिर हवा ने अलग किया हम को — Shiv
निकल के उस की आँखों से करेंगे क्या सभी दरिया की आँखों से बहेंगे हम — Shiv
मैं त'अर्रूफ़ कर रहा हूँ उस के आईने से अब छोड़ कर अफ़सोस क्या वो कर रहा होगा मुझे — Shiv

Ghazal