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Top 10 of
Shubhangi Bharti
SHER
अभी दस्तक जो दिल पे दे रहा है
समझ लो जान मेरी ले रहा है
Shubhangi Bharti
10
GHAZAL
जिसे समझा था नाकारा नहीं था
वो लड़का यार आवारा नहीं था
Shubhangi Bharti
9
SHER
मैं उजालों का नहीं रातों का क़ायल हूँ सनम
आप भी इक चाँद हैं ये जानकर अच्छा लगा
Shubhangi Bharti
8
SHER
भूल बैठा चाँद को पर कुछ सितारे याद हैं
याद वैसे कुछ नहीं पर दोस्त सारे याद हैं
Shubhangi Bharti
7
SHER
मेरे दिल में आज भी बस वो पुराने दोस्त हैं
हाँ वही जिन से मिलोगे तो लगेगा मैं ही हूँ
Shubhangi Bharti
6
SHER
पीठ में ख़ंजर सुना है मारते हैं दोस्त भी
यार फिर तो दोस्त को भी आज़माना चाहिए
Shubhangi Bharti
5
SHER
कह उसे ये तू लिहाज़ा ख़त जलाए आज ही
मौत के दिन ही बदन को भी जलाना चाहिए
Shubhangi Bharti
4
SHER
सूख के काँटा हुआ है दिल किसी की चाह में
दिल कि पहले जो गुलाबों की तरह रखता था मैं
Shubhangi Bharti
3
GHAZAL
मानता हूँ मैं कि ये इज़हार उस का था नहीं
पर नहीं कहना कि मैं हक़दार उस का था नहीं
Shubhangi Bharti
2
GHAZAL
आप की बातों को बेशक मानकर अच्छा लगा
दोस्त प्रेमी बन सकेंगे जानकर अच्छा लगा
Shubhangi Bharti
1
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