@shubhshubhamm
Shubham Mishra shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shubham Mishra's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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दिल-ओ-ज़ेहन में मेरे घर कर गए तुम
असरदार थे बे-असर कर गए तुम
सजाकर रखे थे जो एहसास अपने
अचानक इधर से उधर कर गए तुम
मैं इन अनजान लोगों में सहारा ढूँढ लेता हूँ
भटकती कोई कश्ती हूँ किनारा ढूँढ लेता हूँ
भले कितना छुपाओ इस भरी महफ़िल में तुम ख़ुद को
मग़र मैं भीड़ में झुमका तुम्हारा ढूँढ लेता हूँ
लकीरों में मेरी सलामत हैं कुछ लोग
यक़ीनन ख़ुदा की इनायत हैं कुछ लोग
जभी दिन ढला, रौशनी बन गए वो
मिले ज़िन्दगी में मुहब्बत हैं कुछ लोग
हाल क्या है ज़िन्दगी की क्या ख़बर है
हाँ वही उस आशिक़ी की क्या खबर है
थे बड़े मशहूर तब अल्फ़ाज़ उसके
है कहाँ उस शायरी की क्या ख़बर है
है शकर या नमक जानते हो नहीं
इस ज़माने को पहचानते हो नहीं
किसलिए मैं कहूँगा तुम्हें कुछ भी अब
बात सुनते तो हो मानते हो नहीं
बिछड़ कर हुआ क्या असर देखना है
कि मानो बिना छत के घर देखना है
रहा कम अमीरों से नाता हमारा
हमें पाँव से ज़्यादा सर देखना है