Siddharth Nigam

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@siddharth-nigam

Siddharth Nigam shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Siddharth Nigam's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Shayari
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  • Nazm
रात के साढ़े तीन बजे हैं
सामने वाली शेल्फ में सबसे आगे रक्खी बुक को पिछले 30 मिनट से देख रहा हूँ
बुक पर जर्मन नाम लिखा है

कौन है साला, क्या करता है, कौन सी शय है, क्या होता है, सोच रहा हूँ
सोच रहा हूँ पढ़कर देखूँ, पढ़ लेता हूँ।

अच्छा तो ये Scientist है! अच्छा तो ये सूफी भी है!
Heisenberg का नाम सुना है? इसकी थ्योरी पढ़ी है तुमने?

ये कहता है एक लम्हे में एक ज़र्रे कि या तो तुम रफ्तार पता कर सकते हो या
कर सकते हो पता के ज़र्रा किस जगह पर रुका हुआ है?
लेकिन दोनों साथ नहीं कर सकते हो तुम एक लम्हे में

यानी मुझसे दूर निकलने के रस्ते पर
किस तेजी से भाग रही हो
किस जगह पर ठहरी हो तुम
पता लगाना नामुमकिन है

यानि मेरे जिस्म का ज़र्रा ज़र्रा मुझसे भाग रहा है
किस तेजी से कहाँ रुका है?
पता लगाना नामुमकिन है

यानि मैं हूँ, कहाँ हूँ, लेकिन किसे पता है?
पता लगाना नामुमकिन है

यानि Heisenberg और मेरा दुख मिलता है
मुझे पता है, पता लगाना नामुमकिन है

खैर छोड़ो मैं पंखे से लटक रहा हूँ
हाथ में Heisenberg की बुक है
दोनों भाई साथ मरेंगे
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Siddharth Nigam
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